Bartolomé Esteban Murillo: कौन हैं बारतोलोमिओ एस्तेबन मुरिलो?

तस्वीर में दो महिलाएं खिड़की पर खड़ी हैं. एक जवान लड़की खिड़की के सामने देख रही है तो वहीं दूसरी वृद्ध महिला मुंह छिपाकर शर्माते हुए बाहर की तरफ देख रही है. तस्वीर में दिखाया गया है कि दोनों बाहर की दुनिया में शामिल होना चाहती हैं और वहां की चमक-धमक में आना चाहती हैं. बार्तालोम एस्टेबान मुरिलो (Bartolomé Esteban Murillo) ने कई ऐसी पेंटिंग बनाई हैं, जिनको आज भी याद किया जाता है.
मुरिलो (Bartolomé Esteban Murillo) का जन्म दिसंबर 1617 में स्पेन के सविले शहर में हुआ था. मुरिलो की सबसे मशहूर पेंटिंग है, जिसकी चर्चा अभी भी होती है. उसका नाम है ‘टू विमेन एट अ विंडो’ (Two women at a window). गूगल ने उसी पेटिंग को गूगल डूडल में लगाया और उनको याद किया. ये पेंटिंग उन्होंने करीब 1655 में बनाई थी. गूगल ने जिस पेंटिंग के जरिए डूडल बनाया. वो अपने आप में बेहद खास है. इस पेटिंग के जरिए उन्होंने शानदार कला का उदाहरण दिया.

1. मुरिलो का बचपन गरीबी में बीता गया था. उनके पिता नाई और सर्जन थे. उन्होंने अपने अंकल से पेटिंग सीखी. बचपन में वो जो भी पेंटिंग बनाते थे वो मेले में बेच देते थे. उनको देखा-देखी कई पेंटर मेले में पेंटिंग बेचने लगे. मेले में पेंटिंग बेचने के काम उन्होंने जवानी तक किया.
2. मुरिलो पहले धार्मिक विषयों पर पेंटिंग बनाते थे. जिसकी काफी प्रशंसा हुई. लोग उनकी पेंटिंग को बहुत पसंद करते थे. उन्होंने सफलता बहुत जल्द हासिल कर ली थी.
3. 1645 में वो वर्ल्ड फेमस हो गए. मुरिलो रोजमर्रा के जीवन पर पेंटिंग बनाने लगे. जिसको पसंद किया जाने लगा. वो स्पेन के एंडालुसियन के जीवन को पेंटिंग के जरिए दिखाते थे.
4. एक वक्त ऐसा आया कि मुरिलो इतने प्रसिद्ध हो गए कि एक राजा ने उनकी आर्ट वर्क पर रोक लगा दी. मुरिलो स्पेन के बाहर कभी नहीं गए.

5. साल 1682 में उनका निधन हो गया. उनकी ज्यादातर पेंटिंग्स सेंट पीटर्सबर्ग के म्यूजियम में रखी हुई हैं और वर्ल्ड फेमस ‘टू विमेन एट अ विंडो’ पेंटिंग वाशिंगटन में नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट के संग्रह में है.

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